सर्व फलदायक जन्माष्टमी व्रत-उपवास (जन्माष्टमी व्रत : २५ अगस्त)

सर्व फलदायक जन्माष्टमी व्रत-उपवास (जन्माष्टमी व्रत : २५ अगस्त) जन्माष्टमी व्रत अति पुण्यदायी है | ‘स्कंद पुराण’ में आता है कि ‘जो लोग जन्माष्टमी व्रत करते हैं या करवाते हैं, उनके समीप सदा लक्ष्मी स्थिर रहती है | व्रत करनेवाले के सारे कार्य सिद्ध होते हैं | जो इसकी महिमा…

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प्रेमावतार का प्रागट्य – दिवस : जन्माष्टमी

प्रेमावतार का प्रागट्य – दिवस : जन्माष्टमी   चित् की विश्रांति से सामर्थ्य का प्राकट्य होता है. सामर्थ्य क्या है . बिना व्यक्ति , बिना वस्तु के भी सुखी रहना – ये बड़ा सामर्थ्य है. अपना ह्रदय वस्तुओं के बिना , व्यक्तियों के बिना  परम सुख का अनुभव करें – यह…

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श्री कृष्ण चालीसा

श्री कृष्ण चालीसा ॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बा फल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पिताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ ॥चौपाई॥ जय यदुनन्दन जय जगवन्दन। जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन…

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