बिना मुहूर्त के मुहूर्त (दशहरा) – ११ अक्टूबर

बिना मुहूर्त के मुहूर्त  (दशहरा) -  पूज्य बापू जी के सत्संग से विजयादशमी का दिन बहुत महत्त्व का है और इस दिन सूर्यास्त के पूर्व से लेकर तारे निकलने तक का समय अर्थात् संध्या का समय बहुत उपयोगी है। रघु राजा ने इसी समय कुबेर पर चढ़ाई करने का संकेत कर…

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माँ दुर्गा के 51 शक्तिपीठ

राजा प्रजापति दक्ष की पुत्री के रूप में माता जगदम्बिका ने सती के रूप में जन्म लिया था और भगवान शिव से विवाह किया। एक बार मुनियों का एक समूह यज्ञ करवा रहा था। यज्ञ में सभी देवताओं को बुलाया गया था। जब राजा दक्ष आए तो सभी लोग खड़े…

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श्रीलक्ष्म्यष्टोत्तरशत नामावलिः

श्रीलक्ष्म्यष्टोत्तरशत नामावलिः ॐ प्रकृत्यै नमः ।                       ॐ विकृत्यै नमः ।               ॐ विद्यायै नमः । ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः ।        ॐ श्रद्धायै नमः ।                  ॐ…

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