आत्मज्ञान पाने के लिए यही करना पड़ेगा ! इससे बड़ी कोई उपासना नहीं है

आप अपने भाग्य के स्वयं विधाता हो शरीर नाशवान है सब कुछ छूट जाएगा जीवन में ज्ञान बहुत जरूरी है सुख-दुख मन की वृत्ति है अर्जुन के जीवन का प्रसंग ईश्वर को कभी मत भूलना शास्त्रों के अनुसार जीवन जियो मैं सच्चिदानंद परमात्मा स्वरुप हूं ब्रह्मज्ञानी संत और उनके सत्संग…

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इस बात को जानना ही साक्षात्कार है (Knowing this spiritual teaching is Self-realization)

वृंदावन की महिमा भगवान के लिए तड़प बढ़ाओ संसार नाशवान है सब कुछ छूट जाएगा गुरु नानक का सत्संग मैं सच्चिदानंद परमात्मा स्वरुप हूं ब्रह्मज्ञानी संत और उनके सत्संग से ही मनुष्य और समाज को परम लाभ मनुष्य जन्म आत्म साक्षात्कार करने के लिए ही मिला है भगवान ही हमारे…

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माली की कहानी – ब्रह्मचर्य

एक था माली | उसने अपना तन, मन, धन लगाकर कई दिनों तक परिश्रम करके एक सुन्दर बगीचा तैयार किया | उस बगीचे में भाँति-भाँति के मधुर सुगंध युक्त पुष्प खिले | उन पुष्पों को चुनकर उसने इकठ्ठा किया और उनका बढ़िया इत्र तैयार किया | फिर उसने क्या किया समझे आप …? उस इत्र को एक गंदी नाली ( मोरी )…

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युवानों सावधान ! ʹप्रेमʹ क्या हैं समझो …

भारतभूमि ऋषि, मुनियों, अवतारों की भूमि है। यहाँ पहले लोग आपस में मिलते तो ʹराम-रामʹ कहकर एक दूसरे का अभिवादन करते थे। दो बार ही ʹरामʹ क्यों कहते थे ? दो बार राम कहने के पीछे कितना सुंदर अर्थ छुपा है कि सामने वाले व्यक्ति तथा मुझमें, दोनों में उसी राम-परमात्मा-ईश्वर की चेतना है, उसे प्रणाम…

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