Asht Satvik Bhaav (अष्ट सात्विक भाव ) -Shri Sureshanand ji

सत्संग के मुख्य अंश: *आठ प्रकार के सात्विक भाव होते हैं| उन में से एक-आध भी साधक को अगर अनुभव में आता हो अपने जीवन में, तो बहुत अच्छा है| *आठ में पहला है- स्तंभ| दूसरा-स्वेद | तीसरा है रोमांच| *हनुमानजी को अष्ट सात्विक भाव बहुत होता था |मारुतसुत तब…

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Bhagwan Shiv Ki Ashtmurti Ka Darshan (भगवान शिव की अष्टमूर्ति का दर्शन )

भक्ति भावना जितनी प्रबल होगी , उतना साधक अपने गुरु की गुरुता का अनुभव करेगा .... भगवान की , गुरु की आठ मूर्तियां है ...कौन कौन सी हैं ये आठ मूर्ति ? ....बहुत सुन्दर हैं ,मै आपको नाम बताऊ , आपको याद आ जाएँगी , ...इन शिवजी की आठ मुर्तियों…

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