Ekadashi Vrat Vidhi : Ekadashi Vrat Kholne Ki Vidhi [Paran]

Ekadashi Vrat Vidhi [Ekadashi Vrat Puja Kaise Kare] दशमी की रात्रि को पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें तथा भोग विलास से भी दूर रहें । प्रात: एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें; नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उँगली से कंठ शुद्ध कर लें । वृक्ष…

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Nirjala Ekadashi 2021: Date, Vrat Vidhi, Katha, Mahatmya, Parana

Nirjala Ekadashi Date 2021 21 जून 2021, सोमवार How to do Nirjala Ekadashi Vrat? [Nirjala Ekadashi Vrat Kaise Rakhe] सुबह सूर्योदय से पहले- पहले भरपेट पानी पी लें । अगर घर मे देशी गाय का घी है तो सूर्योदय से पहले ही 25 से 50 ग्राम गुनगुने पानी के साथ ले लें । इससे भूख-प्यास…

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Akshaya Tritiya 2021 : Importance, What to Do Puja Vidhi

Akshaya Tritiya 2021 Importance and Significance. What to Do on Akshaya Tritiya Puja Vidhi : अक्षय तृतीया का पर्व वसंत और ग्रीष्म के सन्धिकाल का महोत्सव है । वैशाख शुक्ल तृतीया को मनाये जानेवाले इस अक्षय तृतीया को दिये गये दान, किये गये स्नान, जप, तप व हवन आदि कर्मों का शुभ और अनंत फल…

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Rishi Panchami 2021 Vrat : Date, Importance and Significance

Rishi Panchami 2021 Vrat (Fast) Importance, Significance: भारत ऋषि-मुनियों का देश है । इस देश में ऋषियों की जीवन-प्रणाली का और ऋषियों के ज्ञान का अभी भी इतना प्रभाव है कि उनके ज्ञान के अनुसार जीवन जीनेवाले लोग शुद्ध, सात्त्विक, पवित्र व्यवहार में भी सफल हो जाते हैं और परमार्थ में भी पूर्ण हो जाते…

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Vat Savitri Vrat Katha 2021 [Vat Purnima Puja Vidhi] in Hindi

वटसावित्री पर्व नारी सशक्तीकरण का पर्व है, जो नारी को अपने सामर्थ्य की याद दिलाता है । यह आत्मविश्वास व दृढ़ता को बनाये रखने की प्रेरणा देता है, साथ ही ऊँचा दार्शनिक सिद्धांत प्रतिपादित करता है कि हमें अपने मूल आत्म-तत्त्व की ओर, आत्म-सामर्थ्य की ओर लौटना चाहिए । Vat Savitri Vrat Katha https://youtu.be/hqzzRj-3FmI वटवृक्ष…

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[Hariyali]* Hartalika Teej 2021 Vrat Katha, Puja Vidhi, Kab Hai

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को सौभाग्यवती महिलाएँ अखंड सौभाग्य ( पति की दीर्घायु) के लिए व कुमारी कन्याएँ उत्तम वर प्राप्ति के लिए 'हरितालिका तीज' का व्रत करती हैं । इस व्रत के संदर्भ में कथा आती है कि पार्वतीजी भगवान शिव को पतिरूप में प्राप्त करने का निश्चय करके तपस्या कर रही थीं…

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