गुरुपूर्णिमा अर्थात् गुरु के पूजन का पर्व

गुरुपूर्णिमा के दिन छत्रपति शिवाजी भी अपने गुरु का विधि-विधान से पूजन करते थे। .....किन्तु आज सब लोग अगर गुरु को नहलाने लग जायें, तिलक करने लग जायें, हार पहनाने लग जायें तो यह संभव नहीं है। लेकिन षोडशोपचार की पूजा से भी अधिक फल देने वाली मानस पूजा करने से तो भाई ! स्वयं गुरु भी नही रोक सकते। मानस पूजा का अधिकार तो सबके पास…

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गुरु पूर्णिमा पर सतगुरु का संदेश [05 July 2020]

आत्मस्वरुप का ज्ञान पाने के अपने कर्त्तव्य की याद दिलाने वाला, मन को दैवी गुणों से विभूषित करनेवाला, सदगुरु के प्रेम और ज्ञान की गंगा में बारंबार डुबकी लगाने हेतु प्रोत्साहन देनेवाला जो पर्व है - वही है 'गुरु पूर्णिमा' । गुरुपूर्णिमा अर्थात् गुरु के पूजन का पर्व भगवान वेदव्यास ने वेदों का संकलन किया, १८ पुराणों और उपपुराणों की रचना की। ऋषियों के बिखरे अनुभवों को समाजभोग्य बना…

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सब दुःखों से सदा के लिए मुक्ति -आत्मनिष्ठ बापूजी के मुखारविंद से निःसृत ज्ञानगंगा

सब दुःखों से सदा के लिए मुक्ति  -आत्मनिष्ठ बापूजी के मुखारविंद से निःसृत ज्ञानगंगा असंभव को संभव करने की बेवकूफी छोड़ देना चाहिये और जो संभव है उसको करने में लग जाना चाहिए । शरीर एवं संसार की वस्तुओं को सदा सँभाले रखना असंभव है अतःउसमें से प्रीति हटा लो…

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