उत्तम संतानप्राप्ति के लिए

उत्तम संतानप्राप्ति के लिए ( ५ जनवरी २०१४ से १८ सितम्बर २०१४ तक का समय गर्भधान के लिए अति उत्तम है |) ग्रह-नक्षत्रों का असर मुनष्यों-प्राणियों पर ज्यादा होता है | ब्रहस्पति, बुध, शुक्र, चन्द्र – ये शुभ ग्रह हैं | उनमे भी ब्रहस्पति अत्यंत शुभ ग्रह है | ब्रहस्पति जब…

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आपके जीवन में शिव-ही-शिव हो-पूज्य संत श्री आशारामजी बापू

आपके जीवन में शिव-ही-शिव हो-पूज्य संत श्री आशारामजी बापू चार महारात्रियाँ हैं – जन्माष्टमी, होली, दिवाली और शिवरात्रि | शिवरात्रि को अहोरात्रि भी बोलते हैं । इस दिन ग्रह नक्षत्रों आदि का ऐसा मेल होता है कि हमारा मन नीचे के केन्द्रों से ऊपर आये । देखना, सुनना, चखना, सूँघना व स्पर्श करना– इस विकारी जीवन में तो जीव-जंतु भी…

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कल्याणमय शिव के पूजन की रात्रि : महाशिवरात्रि-पूज्य संत श्री आशारामजी बापू

कल्याणमय शिव के पूजन की रात्रि : महाशिवरात्रि-पूज्य संत श्री आशारामजी बापू फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी अर्थात् महाशिवरात्रि पृथ्वी पर शिवलिंग के प्राकट्य का दिवस है और प्राकृतिक नियम के अनुसार जीव-शिव के एकत्व में मदद करने वाले ग्रह-नक्षत्रों के योग का दिवस है । इस दिन रात्रि-जागरण कर ईश्वर की…

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नास्ति शिवरात्रि परात्परम् – पूज्य संत श्री आशारामजी बापू

नास्ति शिवरात्रि परात्परम् - पूज्य संत श्री आशारामजी बापू 'स्कन्द पुराण' में सूतजी कहते हैं- सा जिह्वा या शिवं स्तौति तन्मनो ध्यायते शिवम् | तौ कर्णौ तत्कथालोलौ तौ हस्तौ तस्य पूजकौ || यस्येन्द्रियाणि सर्वाणि वर्तन्ते शिवकर्मसु | स निस्तरति संसारे भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति || 'वही जिह्वा सफल है जो भगवान…

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